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दिग्गज कांग्रेस नेता गौरव वल्लभ ने भाजपा का दामन थामा


बेशक मौसम में बसंत की फिजाएं घुली हुई हैं , लेकिन कांग्रेस पार्टी अपने अंदर के पतझड़ को नहीं रोक पा रही है । एक के बाद उसके नेता कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी या अन्य दलों की ओर रुख कर रहे हैं । कल हरियाणा के कांग्रेस नेता एवं पूर्व बॉक्सर विजेंदर सिंह ने बीजेपी ज्वाइन कर ली वहीं आज कांग्रेस के पार्टी के पूर्व प्रवक्ता एवम नेता गौरव वल्लभ ने आज सुबह कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर दिन में बीजेपी ज्वाइन कर ली।


गौरव वल्लभ का सामान्य परिचय आपको बता दें गौरव वल्लभ चंद उन प्रवक्ताओं में से थे जो बीजेपी के आक्रमक प्रवक्ताओं को आक्रमक अंदाज में ही जवाब देते थे । ये वो ही गौरव वल्लभ हैं जिन्होंने 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था वाले सवाल पर संबित पात्रा से पलट कर पूछ लिया था की ट्रिलियन में कितने जीरो और सम्बित पात्रा थोड़े असहज दिखे उसके बाद वह वीडियो खासा वायरल भी हुआ था । मूलत पीपाड़ शहर, जोधपुर , राजस्थान के रहने वाले गौरव वल्लभ आर्थिक एवं वित्त मामलों पर अच्छी पकड़ रखते हैं , कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करने से पहले एक्सएलआरआई इंस्टीट्यूट , जमशेदपुर में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हुआ करते थे और कई प्रतिष्ठित संस्थानों में बतौर गेस्ट फैकल्टी अपनी सेवाएं दे चुके हैं । साल 2003 में आरबीआई के थिंक टैंक मेंबर भी रहें हैं । 
      आपको बताते चलें की हाल ही में संपन्न हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें उदयपुर सीट से विधायकी का चुनाव लड़वाया था लेकिन बीजेपी के ताराचंद जैन से लगभग 32000 वोट से चुनाव हार गए थे । इससे पहले 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में जमशेदपुर पूर्व सीट पूर्व मुख्यमंत्री रघुवरदास के खिलाफ से चुनाव लड़ाया था लेकिन वहां निर्दलीय सरयू राय ने बाजी मारी थी ।
       गौरव वल्लभ ने बीजेपी ज्वाइन करने से पहले दो पेज का लंबा खत कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नाम लिखा था और बाद में उसे प्रेस वार्ता में सार्वजनिक भी किया था । खत का मजमून उन्होंने स्वयं ने सबके सामने रखा था रखा 

" कांग्रेस पार्टी सुबह से लेकर शाम तक वेल्थ क्रिएटर्स को गाली देती है , अपनी ही सरकार की लाई हुई नीतियां उदारीकरण , निजीकरण,वैश्वीकरण का विरोध करती है , राम मंदिर निमंत्रण का प्रस्ताव ठुकरा कर उन्होंने सनातन विरोधी मानसिकता का परिचय दिया , कांग्रेस जिस तरह दिशाहीन होकर आगे बढ़ रही है उसने वह असहज महसूस कर रहे हैं "

                            आदित्य कौशिक

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