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विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर विशिष्ट कार्य करने वाले योद्धा हुए चौथे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल डेडिकेशन अवार्ड 2023 से सम्मानित


जो भी व्यक्ति इतिहास में याद किए जाते हैं,वे असाधारण होते हैं।भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का नाम इतिहास में उनके असाधारण व्यक्तित्व के लिए दर्ज है।वे एक शानदार शिक्षक, प्रतिभावान वैज्ञानिक एवं कुशल नेतृत्वकर्ता के रूप में सदैव याद किए जाएँगे। 


ये सभी बातें भारत विकास परिषद के संगठन सचिव सुरेश जैन ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लक्ष्मीबाई महिला महाविद्यालय में चौथे डॉ एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल डेडिकेशन अवॉर्ड 2023 में कही। पिछले तीन वर्षों से लगातार यह पुरस्कार समाज में अपने विशेष योगदान के लिए विभिन्न क्षेत्रों में श्रेष्ठ कार्य करने के लिए दिया जाता रहा है। इसी कड़ी में यह आयोजन इस बार भी हुआ।कार्यक्रम के शुरुआत में छात्राओं ने अपनी मनमोहक संगीतमयी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया।


आज सभागार में अभिषेक तिवारी को सामाजिक कार्य क्षेत्र में, आशीष कंधवे को साहित्य के क्षेत्र में, प्रो. नरेंद्र मिश्र को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में, प्रशासन के क्षेत्र में प्रो. मनोज खन्ना को, डॉ जैनेंद्र प्रकाश जैन को खेल के क्षेत्र में, डॉ. अमित त्यागी को चिकित्सा के क्षेत्र में, डॉ. शिव भूषण शर्मा को पैरामेडिकल क्षेत्र में, प्रो. सुमन शर्मा को शोध के क्षेत्र में, एडवोकेट नेहा गर्ग को उद्यमिता के क्षेत्र में, डॉ. रचना साधी को शिक्षाविद के क्षेत्र में, शिखा गुप्ता को कला और संस्कृति के क्षेत्र में, प्रो. रबी नारायण कर को सुशासन के क्षेत्र में, ईशान गोयल को व्यवसाय के क्षेत्र में, कंचन शर्मा को थियोलॉजिस्ट के क्षेत्र में, जगजीत सिंह को शिक्षण, एवं वंदना सचदेव को राजनीतिक नेतृत्व के क्षेत्र में सम्मान प्रदान किया गया।


अंत में सभी प्रतिभागियों, अतिथियों एवं पुरस्कार प्राप्त कर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापन सुनीता अरोड़ा ने किया। साथ ही कार्यक्रम के संयोजक प्रो. मुकेश अग्रवाल ने कहा कि अगली बार फिर हम समाज, साहित्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और प्रशासन आदि में निरंतर कार्य करने वाले व्यक्तियों को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल डेडिकेशन अवार्ड से सम्मानित करेंगे।

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