Skip to main content

सोशल मैसेजिंग ऐप WhatsApp की सर्विस अचानक हुई बंद, यूजर्स न मैसेज भेज पा रहे न कर पा रहे रिसीव


सोशल मैसेजिंग ऐप व्‍हाट्सऐप (Whatsapp) की आज दोपहर 12:45 बजे अचानक सेवा बाधित हो गई। इसके बाद से कस्टमर्स को खासी परेशानी की सामना करना पड़ रहा है। अचानक सर्वर डाउन होने से यूजर्स ना मैसेज भेज पा रहे हैं और ना ही रिसीव कर पा रहे हैं, जिसके चलते लोग परेशान हैं। व्हाट्सएप के सर्वर में दिक्कत के कारण ये परेशानी आई है। हालांकि अबी व्हाट्सएप की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।


ये दिक्कत एंड्रॉयड iOS और वेब तीनों ही वर्जन के यूज़र्स को ऐप में आ रही है। मेटा के स्वामित्व वाले वॉट्सऐप के यूजर्स को कोई नया मैसेज नहीं मिल रहा है। परेशान यूज़र्स ट्विटर पर भी शिकायत कर रहे हैं कि न उन्हें किसी का मैसेज मिल रहा है और न ही वह किसी को मैसेज कर पा रहे हैं।



                          रिपोर्ट ~ नीलाक्ष वत्स

Comments

Popular posts from this blog

डॉ. अमिता दुबे, प्रधान संपादक, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, उत्तर प्रदेश द्वारा लिखित 'सृजन को नमन' पुस्तक पर देश के विद्वानों ने की चर्चा

विश्व हिंदी संगठन से समन्वित सहचर हिंदी संगठन, नई दिल्ली (पंजी.) द्वारा हर महीने पुस्तक परिचर्चा कार्यक्रम के तहत डॉ. अमिता दुबे द्वारा लिखित पुस्तक सृजन को नमन पर लाइव ऑनलाइन परिचर्चा हुई, जिसमें देश भर के साहित्यकारों ने जुड़कर विद्वानों को सुना। इस पुस्तक के लेखक डॉ. अमिता दुबे जी ने बताया कि मूलत: वे स्वाभवत: कहानीकार हैं परंतु विद्यावाचस्पति की अध्ययन के दौरान उनकी रुचि आलोचना की ओर प्रवृत्त हुआ। उन्होंने आगे बताया कि किस तरह इस पुस्तक को लिखा। इसमें उन्होंने अपने जीवनानुभवों को भी व्यक्त किया है।  कार्यक्रम में राजस्थान से जुड़ी डॉ.बबीता काजल ने यह पुस्तक में लिखे शोध आलेख हैं । जो शोधार्थियों और साहित्यानुरागी के हेतु अत्यंत उपयोगी होगी । सामाजिक परिवेश अत्यंत महत्वर्पूण होता है जहाँ रचनाकार को लेखन के बीज मिलते हैं। चिट्ठियों की दुनिया में राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुए वार्तालाप को कविता के रूप में रचा है जो अपने आप में एक अलग क्षितिज को दिखाता है। पुस्तक में हिंदी प्रचार एवं महत्व को उल्लेखित किया गया, देवनागरी लिपि की विशेषता का उल्लेख ध्वनि वैज्ञानिक दृष्...

आज का समाज और स्त्री-संघर्ष - डॉ. (श्रीमती) आरती पाठक

"सैर के वास्ते सड़कों पे निकल आते थे अब तो आकाश से पथराव का डर होता है।"  (दुष्यन्त कुमार त्यागी) एक फिल्मी गीत है- 'ओ राधा, तेरे बिना तेरा श्याम है आधा।' महज कहने की बात नहीं, यह सच्चाई भी है। 'शक्तिक बिना शिव को शव ही माना जाएगा। पूणता बिना स्त्री के संभव नहीं है। संतुलन, सहन और सृजन का पर्याय है- 'स्त्री'। एक संप्रदाय है सखी। उसके बारे में पढ़ते हुए मन में एक प्रश्न उठा है कि इसे सखा क्यों नहीं कहा गया ? जवाब मिला कि इस संप्रदाय के कृष्ण-भक्त अपने प्रभु को सखी के रूप में देखते हैं। वे जानते हैं कि मित्रता भी स्त्री के रूप में आकर बेहद निश्चल और सहज हो जाती है। "स्त्री है तो दुनिया में श्रृंगार बचा है, प्रेम का भाव बचा है. घृणा सिर नहीं उठा पाती. फिर भी अफसो....... भ्रूण हत्याएँ बढ़ती जा रही है। सवाल बस इतना है कि हम कैसा जीवन चाहते हैं ? कैसी कुदरत चाहते हैं, जो स्त्री के बिना सोची जा रही है, मांगी जा रही ह. हमार दवारा इच्छित है। उस दिन की कल्पना करें, जब पृथ्वी पर केवल पुरुष होंगे फिर कोई कैसे कहेगा- "मेरी ख्वाहिश है कि मैं फिर से...

सरकार के आगे झुकी ट्विटर ; नियुक्त किया अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी

सरकार के आगे आखिरकार ट्विटर झुक गई है। माइक्रोब्‍लॉगिंग साइट ने मंगलवार को कहा कि उसने भारत के लिए अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त कर लिया है। जल्द ही अधिकारी का ब्यौरा सीधे सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ साझा किया जाएगा। ट्विटर ने सरकार की चेतावनी के बाद यह कदम उठाया है। हाल में सरकार ने कंपनी को दिए नोटिस में कहा था कि उसे नियमों के अनुपालन का आखिरी मौका दिया जाता है। उसे तत्काल नियमों का अनुपालन करना है। अगर वह इसमें फेल होती है, तो उसे आईटी कानून के तहत दायित्व से जो छूट मिली है, वह वापस ले ली जाएगी। इसके साथ ही उसे आईटी कानून और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। इसके बाद ट्विटर ने पिछले हफ्ते सरकार को पत्र लिखकर भरोसा दिया था कि वह नए सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के अनुरूप मुख्य अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति करने के अंतिम चरण में है। सरकार को एक हफ्ते के भीतर अतिरिक्त ब्यौरा दे दिया जाएगा। मंगलवार को ट्विटर के एक प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी नए दिशानिर्देशों का पालन करने की हर कोशिश कर रही है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को प्रक्रिया के...