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टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा




टोक्यो

पहलवान बजरंग पूनिया के ब्रॉन्ज मेडल जीतने के कुछ ही देर बाद स्टार जेवलिन थ्रो ऐथलीट नीरज चोपड़ा ने शनिवार (7 अगस्त) को टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 87.58 मीटर का रहा। यह ओलिंपिक में ट्रैक ऐंड फील्ड से भारत के लिए पहला मेडल है। इसके साथ ही वह ओलिंपिक में इंडिविजुअल स्पोर्ट में गोल्ड जीतने वाले शूटर अभिनव बिंद्रा के बाद दूसरे भारतीय ऐथलीट भी बन गए हैं। यह भारत का टोक्यो ओलंपिक में 7वां मेडल है। इसके साथ ही भारत ने अपने लंदन ओलिंपिक-2012 के बेस्ट प्रदर्शन 6 मेडल को पीछे छोड़ दिया।

नीरज ने पहले प्रयास में 87.03 मीटर भाला फेंका, जबकि दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर रहा। इसके साथ ही उनका गोल्ड मेडल लगभग पक्का हो गया था, क्योंकि वह दोनों ही राउंड में टॉप पर रहे थे। उन्होंने तीसरे प्रयास में 76.79 मीटर थ्रो किया। दूसरे नंबर पर जर्मन ऐथलीट और गोल्ड मेडल के दावेदार माने जा रहे वी. जकूब ने इस दौरान दूसरा और तीसरा प्रयास फाउल किया और आखिरी प्रयास तक 86.67 मीटर ही भाला फेंक सके।



क्वॉलिफिकेशन राउंड में भी रहे थे टॉपर
नीरज ने क्वॉलिफिकेशन राउंड के पहले प्रयास में ही 86.65 मीटर के थ्रो के साथ फाइनल के लिए क्वॉलीफाइ कर भारत की पदक की उम्मीदें बढ़ा दी थीं। नीरज ग्रुप-ए में पहले स्थान पर रहे थे, उसके बाद उनसे सोना लाने की संभावना बढ़ गई थी।


2008 में अभिनव बिंद्रा ने रचा था इतिहास
13 वर्ष पहले अभिनव बिंद्रा ने मीटर एयर रायफल स्पर्धा में भारत को गोल्ड मेडल दिलाकर इतिहास रचा था। वह 11 अगस्त 2008 को बीजिंग ओलिंपिक खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्‍वर्ण पदक जीतकर व्‍यक्तिगत स्‍वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे।



                      रिपोर्ट ~ नीलाक्ष वत्स

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