Skip to main content

एन.ई.पी. की प्रथम वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री मोदी का सम्बोधन


प्रधानमंत्री
 नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की घोषणा के एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश भर के नीति निर्माताओं और हितधारकों को संबोधित किया। 
प्रधानमंत्री ने अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट सहित कई शैक्षिक पहल भी शुरू की। 

प्रधानमंत्री ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के एक साल पूरा होने पर सभी देशवासियों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते एक वर्ष में देश के आप सभी महानुभावों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, नीतिकारों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को धरातल पर उतारने में बहुत मेहनत की है।

2020 में लागू की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित किया। करीब 24 मिनट लंबे उद्बोधन में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों के भारत से लेकर आधुनिक और आत्मनिर्भर भारत का मंत्र साकार करने की दिशा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर उल्लेखित किया। 


प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में जैसे - जैसे नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अलग - अलग फीचर्स हकीकत में बदलेंगे, हमारा देश एक नए युग का साक्षात्कार करेगा। 
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे खुशी है कि आठ राज्यों के 14 इंजीनियरिंग कॉलेज, पांच भारतीय भाषाओं- हिंदी - तमिल, तेलुगू, मराठी और बांग्ला में इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू करने जा रहे हैं। 

इंजीनिरिंग के कोर्स का 11 भारतीय भाषाओं में ट्रांसलेशन के लिए एक टूल भी विकसित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारतीय साइन लैंग्वेज को पहली बार एक भाषा विषय का दर्जा प्रदान किया गया है। अब छात्र इसे एक भाषा के तौर पर भी पढ़ पाएंगे। इससे भारतीय साइन लैंग्वेज को बहुत बढ़ावा मिलेगा। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत मातृभाषा में पढ़ाई का प्रावधान बापू के सपनों को साकार करने की दिशा में एक और कदम है।  राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की पहली वर्षगांठ पर देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने-आपने दशकों से ये माहौल देखा है जब समझा जाता था कि अच्छी पढ़ाई करने के लिए विदेश ही जाना होगा। लेकिन अच्छी पढ़ाई के लिए विदेशों से स्टूडेंट्स भारत आएं, बेस्ट इंस्टीट्यूशन भारत आएं, ये अब हम देखने जा रहे हैं। 

पीएम मोदी ने कहा कि आज बन रही संभावनाओं को साकार करने के लिए हमारे युवाओं को दुनिया से एक कदम आगे होना पड़ेगा, एक कदम आगे का सोचना होगा। हेल्थ हो, डिफेंस हो, इंफ्रास्ट्रक्चर हो, टेक्नाेलॉजी हो, देश को हर दिशा में समर्थ और आत्मनिर्भर होना होगा।  प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं को ये विश्वास दिलाती है कि देश अब पूरी तरह से उनके साथ है, उनके हौसलों के साथ है। 

जिस आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के प्रोग्राम को अभी लॉन्च किया गया है, वह भी हमारे युवाओं को फ्यूचर ओरिएंटेड बनाएगा, एआई ड्र्रिवन इकोनॉमी के रास्ते खोलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का आज का युवा अपनी व्यवस्थाएं, अपनी दुनिया खुद अपने हिसाब से बनाना चाहता है। इसलिए, उसे एक्सपोजर चाहिए, उसे पुराने बंधनों, पिंजरों से मुक्ति चाहिए। मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की जो व्यवस्था आज शुरू हुई है, इसने विद्यार्थियों को एक ही क्लास और एक ही कोर्स में जकड़े रहने की मजबूरी से मुक्त कर दिया है। 


                  रिपोर्ट ~ नीलाक्ष वत्स

Comments

Popular posts from this blog

डॉ. अमिता दुबे, प्रधान संपादक, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, उत्तर प्रदेश द्वारा लिखित 'सृजन को नमन' पुस्तक पर देश के विद्वानों ने की चर्चा

विश्व हिंदी संगठन से समन्वित सहचर हिंदी संगठन, नई दिल्ली (पंजी.) द्वारा हर महीने पुस्तक परिचर्चा कार्यक्रम के तहत डॉ. अमिता दुबे द्वारा लिखित पुस्तक सृजन को नमन पर लाइव ऑनलाइन परिचर्चा हुई, जिसमें देश भर के साहित्यकारों ने जुड़कर विद्वानों को सुना। इस पुस्तक के लेखक डॉ. अमिता दुबे जी ने बताया कि मूलत: वे स्वाभवत: कहानीकार हैं परंतु विद्यावाचस्पति की अध्ययन के दौरान उनकी रुचि आलोचना की ओर प्रवृत्त हुआ। उन्होंने आगे बताया कि किस तरह इस पुस्तक को लिखा। इसमें उन्होंने अपने जीवनानुभवों को भी व्यक्त किया है।  कार्यक्रम में राजस्थान से जुड़ी डॉ.बबीता काजल ने यह पुस्तक में लिखे शोध आलेख हैं । जो शोधार्थियों और साहित्यानुरागी के हेतु अत्यंत उपयोगी होगी । सामाजिक परिवेश अत्यंत महत्वर्पूण होता है जहाँ रचनाकार को लेखन के बीज मिलते हैं। चिट्ठियों की दुनिया में राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुए वार्तालाप को कविता के रूप में रचा है जो अपने आप में एक अलग क्षितिज को दिखाता है। पुस्तक में हिंदी प्रचार एवं महत्व को उल्लेखित किया गया, देवनागरी लिपि की विशेषता का उल्लेख ध्वनि वैज्ञानिक दृष्...

ट्विटर ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का एकाउंट एक घंटा ब्लॉक किया

ट्विटर और केंद्र सरकार में टकराव जारी है।  इस बीच आज केंद्रीय IT मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दावा किया है कि Twitter ने करीब एक घंटे तक उनका अकाउंट लॉक रखा। Twitter का कहना था कि आपने अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट का उल्लंघन किया है। बाद में Twitter ने अकाउंट अनलॉक किया। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कोई भी प्लेटफॉर्म कुछ भी कर ले आईटी को लेकर नया कानून मानना ही पड़ेगा। इसे लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ट्विटर की कार्रवाई यह बताती है कि वो बोलने की आजादी का हितैषी नहीं, उसे सिर्फ अपना एजेंडा चलाने में दिलचस्पी है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि ट्विटर की कार्रवाई आईटी के नियमों के खिलाफ है। अकाउंट लॉक करने से पहले ट्विटर ने मुझे कोई नोटिस नहीं दिया। इससे साबित होता है कि ट्विटर नए नियमों को नहीं मानना चाहता है। अगर ट्विटर नए नियमों का पालन करता तो वो किसी के अकाउंट को मनमाने तरीके से लॉक नहीं करता। बता दें कि ट्विटर और केंद्र सरकार में लंबे समय से विवाद चल रहा है। सरकार का कहना है कि ट्विटर को नया नियम मानना होगा। नए नियमों के तहत ट्विटर, फेसबुक, ...

सरकार के आगे झुकी ट्विटर ; नियुक्त किया अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी

सरकार के आगे आखिरकार ट्विटर झुक गई है। माइक्रोब्‍लॉगिंग साइट ने मंगलवार को कहा कि उसने भारत के लिए अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त कर लिया है। जल्द ही अधिकारी का ब्यौरा सीधे सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ साझा किया जाएगा। ट्विटर ने सरकार की चेतावनी के बाद यह कदम उठाया है। हाल में सरकार ने कंपनी को दिए नोटिस में कहा था कि उसे नियमों के अनुपालन का आखिरी मौका दिया जाता है। उसे तत्काल नियमों का अनुपालन करना है। अगर वह इसमें फेल होती है, तो उसे आईटी कानून के तहत दायित्व से जो छूट मिली है, वह वापस ले ली जाएगी। इसके साथ ही उसे आईटी कानून और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। इसके बाद ट्विटर ने पिछले हफ्ते सरकार को पत्र लिखकर भरोसा दिया था कि वह नए सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के अनुरूप मुख्य अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति करने के अंतिम चरण में है। सरकार को एक हफ्ते के भीतर अतिरिक्त ब्यौरा दे दिया जाएगा। मंगलवार को ट्विटर के एक प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी नए दिशानिर्देशों का पालन करने की हर कोशिश कर रही है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को प्रक्रिया के...