Skip to main content

“मीडिया : सरोकार या कारोबार” विषय पर विश्व हिंदी संगठन, नई दिल्ली द्वारा वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन


विश्व हिंदी संगठन,नई दिल्ली जो कि हिंदी के लिए समर्पित एक संस्था है, राष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस (30 मई) के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन दिनांक 30 मई 2021 को किया । इस प्रतियोगिता में पूरे भारत से 170 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया। यह प्रतियोगिता दो स्तर पर कराई गयी। प्रथम चरण में कुल 145 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।  इस वाद-विवाद प्रतियोगिता  के पहले चरण का विषय “मीडिया:सरोकार या कारोबार” रखा गया, जिसके किसी एक पहलू पर प्रतिभागियों ने अपनी राय रखी।

इसके बाद कुल 18 प्रतिभागी फ़ाइनल राउंड के लिए चुने गए।इसमें से प्रथम पुरस्कार के लिए मुशर्रफ परवेज़, दिल्ली व आदेश शिंदे,मध्य प्रदेश को संयुक्त रूप से द्वितीय पुरस्कार के लिए अर्पित कटियार,उत्तर प्रदेश व देवांशी वाजपेयी,उत्तर प्रदेश को संयुक्त रूप से, तृतीय पुरस्कार स्वाति टण्डन, उत्तर प्रदेश व सांत्वना पुरस्कार के रूप में निकिता पांडेय,पश्चिम बंगाल सनिका राज,केरल को दिया गया। अंतिम चरण  में निर्णायक मंडल  के रूप में माउंट कार्मेल कॉलेज, बेंगलुरु की डॉ. कोयल  विश्वास, महाराष्ट्र से पंढरीनाथ पाटिल, महाराष्ट्र से ही डॉ.दीपक पवार, केरल से डॉ. अनुरोज टी.जे., छत्तीसगढ़ से डॉ. आरती पाठक, कानपुर से डॉ. गरिमा जैन, और दिल्ली से अनुराग सिंह जी ने विशेष भूमिका निभाई।

निर्णायकों के लिए यह एक कठिन निर्णय रहा। संचालन की भूमिका में डॉ. संतोष कुलकर्णी जी ने तो समय संयोजन की भूमिका में मध्यप्रदेश के डॉ. श्यामसुंदर धाकड़ जी ने महती कार्य किया। सभी का धन्यवाद ज्ञापन दिल्ली की मनीषा अरोड़ा जी ने किया महामारी के इस दौर में हमने इस प्रतियोगिता को वर्चुअल ही कराने का निर्णय लिया अतः यह प्रतियोगिता जूम ऐप पर ही संचालित किया गया। इस प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. आरती पाठक और अनुराग सिंह ने बताया कि इस प्रतियोगिता को कराने का हमारा मूल उद्देश्य देश के विद्यार्थियों में हिंदी पत्रकारिता के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ विद्यार्थियों का पत्रकारिता के प्रति क्या नजरिया है इसको जानना है। 

विश्व हिंदी संगठन के अध्यक्ष डॉ. आलोक रंजन पांडेय ने बताया कि हम हिंदी के उत्थान के लिए निरंतर सक्रिय हैं और हमने तय किया है हर साल राष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस पर पत्रकारिता से संबंधित कोई न कोई आयोजन जरुर करेंगे। हम 29 जून को हिंदी ओलंपियाड भी करा रहे हैं। इन दोनों प्रतियोगिता  में इच्छुक प्रतिभागी हमसे संपर्क कर सकते हैं। विश्व हिंदी संगठन द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का मीडिया पार्टनर फोकस न्यूज और लोकबात चैनल है।

Comments

Popular posts from this blog

डॉ. अमिता दुबे, प्रधान संपादक, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, उत्तर प्रदेश द्वारा लिखित 'सृजन को नमन' पुस्तक पर देश के विद्वानों ने की चर्चा

विश्व हिंदी संगठन से समन्वित सहचर हिंदी संगठन, नई दिल्ली (पंजी.) द्वारा हर महीने पुस्तक परिचर्चा कार्यक्रम के तहत डॉ. अमिता दुबे द्वारा लिखित पुस्तक सृजन को नमन पर लाइव ऑनलाइन परिचर्चा हुई, जिसमें देश भर के साहित्यकारों ने जुड़कर विद्वानों को सुना। इस पुस्तक के लेखक डॉ. अमिता दुबे जी ने बताया कि मूलत: वे स्वाभवत: कहानीकार हैं परंतु विद्यावाचस्पति की अध्ययन के दौरान उनकी रुचि आलोचना की ओर प्रवृत्त हुआ। उन्होंने आगे बताया कि किस तरह इस पुस्तक को लिखा। इसमें उन्होंने अपने जीवनानुभवों को भी व्यक्त किया है।  कार्यक्रम में राजस्थान से जुड़ी डॉ.बबीता काजल ने यह पुस्तक में लिखे शोध आलेख हैं । जो शोधार्थियों और साहित्यानुरागी के हेतु अत्यंत उपयोगी होगी । सामाजिक परिवेश अत्यंत महत्वर्पूण होता है जहाँ रचनाकार को लेखन के बीज मिलते हैं। चिट्ठियों की दुनिया में राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुए वार्तालाप को कविता के रूप में रचा है जो अपने आप में एक अलग क्षितिज को दिखाता है। पुस्तक में हिंदी प्रचार एवं महत्व को उल्लेखित किया गया, देवनागरी लिपि की विशेषता का उल्लेख ध्वनि वैज्ञानिक दृष्...

ट्विटर ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का एकाउंट एक घंटा ब्लॉक किया

ट्विटर और केंद्र सरकार में टकराव जारी है।  इस बीच आज केंद्रीय IT मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दावा किया है कि Twitter ने करीब एक घंटे तक उनका अकाउंट लॉक रखा। Twitter का कहना था कि आपने अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट का उल्लंघन किया है। बाद में Twitter ने अकाउंट अनलॉक किया। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कोई भी प्लेटफॉर्म कुछ भी कर ले आईटी को लेकर नया कानून मानना ही पड़ेगा। इसे लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ट्विटर की कार्रवाई यह बताती है कि वो बोलने की आजादी का हितैषी नहीं, उसे सिर्फ अपना एजेंडा चलाने में दिलचस्पी है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि ट्विटर की कार्रवाई आईटी के नियमों के खिलाफ है। अकाउंट लॉक करने से पहले ट्विटर ने मुझे कोई नोटिस नहीं दिया। इससे साबित होता है कि ट्विटर नए नियमों को नहीं मानना चाहता है। अगर ट्विटर नए नियमों का पालन करता तो वो किसी के अकाउंट को मनमाने तरीके से लॉक नहीं करता। बता दें कि ट्विटर और केंद्र सरकार में लंबे समय से विवाद चल रहा है। सरकार का कहना है कि ट्विटर को नया नियम मानना होगा। नए नियमों के तहत ट्विटर, फेसबुक, ...

मन्नू भंडारी की पहली कहानी : मैं हार गई

जब कवि सम्मेलन समाप्त हुआ तो सारा हॉल हंसी-कहकहों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज रहा था| शायद मैं एक ऐसी थी, जिसका रोम-रोम क्रोध से जल रहा था| उस सम्मेलन की अंतिम कविता थी 'बेटे का भविष्य'| उसका सारांश कुछ इस प्रकार था, एक पिता अपने बेटे के भविष्य का अनुमान लगाने के लिए उसके कमरे में एक अभिनेत्री की तस्वीर, एक शराब की बोतल और एक प्रति गीता की रख देता है और स्वयं छिपकर खड़ा हो जाता है| बेटा आता है और सबसे पहले अभिनेत्री की तस्वीर को उठाता है| उसकी बाछे खिल जाती हैं| बड़ी हसरत से उसे वह सीने से लगाता है, चूमता है और रख देता है| उसके बाद शराब की बोतल से दो-चार घूंट पीता है| थोड़ी देर बाद मुंह पर अत्यंत गंभीरता के भाव लाकर, बगल में गीता दबाए वह बाहर निकलता है| बाप बेटे की यह करतूत देखकर उसके भविष्य की घोषणा करता है, "यह साला तो आजकल का नेता बनेगा!" कवि महोदय ने यह पंक्ति पढ़ी ही थी कि हॉल के एक कोने से दूसरे कोने तक हंसी की लहर दौड़ गई| पर नेता की ऐसी फजीहत देकर मेरे तो तन-बदन में आग लग गई| साथ आए हुए मित्र ने व्यंग्य करते हुए कहा, "क्यों तुम्ह...