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विजय दिवस : केवल 13 दिनों के युद्ध में टूट गया था पाकिस्तान, कर दिया था सरेंडर !



वर्ष 1971 के भारत - पाकिस्तान  युद्ध को 49 साल पूरे हो गए। 16 दिसंबर को 50वां साल शुरू हो जाएगा। तीन दिसंबर, 1971 को पाकिस्तान ने लड़ाई की शुरुआत तो कर दी, लेकिन भारतीय सैनिकों के पराक्रम के आगे महज 13 दिनों में ही घुटने टेक दिए थे।

दुश्मन ने कर दिया हमला

तीन दिसंबर, 1971 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी कोलकाता में जनसभा कर रही थीं। शाम के वक्त पाकिस्तानी वायुसेना ने पठानकोट, श्रीनगर, अमृतसर, जोधपुर, आगरा आदि सैन्य हवाई अड्डों पर बमबारी शुरू कर दी। सरकार ने जवाबी हमले की योजना बनाई और भारतीय सैनिकों ने पूर्वी पाकिस्तान के जेसोर व खुलना पर कब्जा कर लिया।

93 हजार पाकिस्तानी सैनिक बने युद्धबंदी

जनरल मानिक शॉ ने जनरल जेएफआर जैकब को 16 दिसंबर को आत्मसमर्पण की तैयारी के लिए तत्काल ढाका पहुंचने का संदेश दिया।

17 दिसंबर को 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को युद्धबंदी बनाया गया। करीब 3,900 भारतीय सैनिकों ने शहादत दी। इस प्रकार बांग्लादेश की नींव पड़ी।

विजय दिवस पर विशेष कार्यक्रम

16 दिसंबर, 2020 को दिल्ली के इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार मशाल जलाएंगे जो 16 दिसंबर 2021 तक देशभर में घूमेंगी, सेना की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। दिल्ली से चलकर मशाल यात्रा उत्तर क्षेत्र में गाजियाबाद, मोदीनगर, मेरठ, रुड़की, देहरादून, चंडीगढ़ होते हुए आगे बढ़ जाएगी। इसी प्रकार पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी क्षेत्र की ओर अलग-अलग मशाल यात्राएं रवाना होंगी।

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