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पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या, कल ही वापस ली गई थी सुरक्षा


पंजाब के जानेमाने सिंगर सिद्धू मूसेवाला बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी है. बदमाशों ने उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. फायरिंग में मूसेवाला समेत तीन अन्य लोगों को भी गोली लगी थी. सभी घायलों को मानसा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि सिद्धू मूसेवाला की शनिवार (28 मई) को ही सुरक्षा हटाई गई थी.

पंजाब सरकार ने वापस ले ली थी सुरक्षा

पंजाब के गायक सिद्धू मूसेवाला की 29 मई रविवार को मानसा जिले के जवाहरके गांव में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. यह चौंका देने वाली घटना पंजाब सरकार द्वारा पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला सहित 424 लोगों की सुरक्षा वापस लेने के ठीक एक दिन बाद सामने आई है. सिद्धू मूसेवाला ने पंजाब विधान सभा का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर मानसा से लड़ा था


मूसेवाला की हत्या पर कांग्रेस का ट्वीट

सिद्धू मूसेवाला की मौत पर कांग्रेस ने ट्वीट कर दुख व्यक्त किया है. पार्टी ने ट्वीट किया, 'पंजाब से कांग्रेस उम्मीदवार और प्रतिभाशाली संगीतकार सिद्धू मूस वाला की हत्या से कांग्रेस पार्टी और पूरे देश को गहरा धक्का लगा है. उनके परिवार, प्रशंसकों और दोस्तों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है'.




AAP पर करते रहते थे हमला

पिछले महीने, सिद्धू मूसेवाला ने अपने नए गाने 'बलि का बकरा' में आम आदमी पार्टी और उसके समर्थकों को निशाना बनाने के बाद एक विवाद खड़ा कर दिया था. गायक ने कथित तौर पर अपने गाने में आप समर्थकों को 'गद्दार' (देशद्रोही) कहा था.


कौन हैं सिद्धू मूसेवाला?

17 जून 1993 को जन्मे शुभदीप सिंह सिद्धू उर्फ ​​सिद्धू मूसेवाला मानसा जिले के मूस वाला गांव के रहने वाले हैं. मूस वाला की लाखों में फैन फॉलोइंग थी और वह अपने रैप के लिए लोकप्रिय थे. मूस वाला ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की थी. उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों में संगीत सीखा था और बाद में कनाडा चले गए थे. सिद्धू मूसेवाला को सबसे विवादास्पद पंजाबी गायकों में से एक के रूप में भी जाना जाता था, जो खुलेआम गन कल्चर को बढ़ावा देते थे. अपने गानों में गैंगस्टरों का महिमामंडन करते थे. सितंबर 2019 में रिलीज हुआ उनका गाना 'जट्टी जियोने मोड़ दी बंदूक वर्गी' 18वीं सदी के सिख योद्धा माई भागो के संदर्भ में एक विवाद को जन्म दे गया. उन पर इस सिख योद्धा की छवि धूमिल करने का आरोप लगा गया था. मूसेवाला ने बाद में इसके लिए माफी मांग ली थी.

 

                     रिपोर्ट - नीलाक्ष वत्स

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