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मेट्रो यात्रियों को अब सीट के लिए नहीं करना होगा ज़्यादा इंतजार, लोगों की सुविधा के लिए DMRC ने उठाया यह कदम


दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए लाइफ लाइन बनी दिल्ली मेट्रो अब यात्रियों को कोरोना काल में एक और सुविधा देने जा रहा है। इस सुविधा से लोगों की यात्रा और आरामदायक हो जाएगी। मेट्रो के इस कदम से खास कर सभी लाइन के यात्रियों को फायदा होगा, मगर रेड लाइन के यात्रियों को ज्यादा सहूलियत होगी। अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि हमें यात्रा के दौरान सीट नहीं मिलती है। वहीं, काफी बुजुर्ग और व्यस्क लोगों को परेशानी होती है कि यात्रा का लंबा हिस्सा खड़े-खड़े ही गुजारना पड़ता है। इधर कोरोना के दौरान यह परेशानी और ज्यादा हो गई है। लोग अक्सर सुबह और शाम मेट्रो के इंतजार के लिए खड़े रहते हैं। काफी लंबा समय इंतजार में ही गुजरता है क्याेंकि फिलहाल कोविड-19 के नियम के मुताबिक एक सीट छोड़कर बैठना है और खड़े रहने में भी शारीरिक दूरी का खास ख्याल रखना होता है। ऐसे में मेट्रो के इस कदम से यात्रा और आरामदायक होने वाली है।

दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 120 नए कोच खरीदे हैं। जिससे रेड (रिठाला-न्यू बस अड्डा गाजियाबाद), ब्लू (द्वारका सेक्टर 21-इलेक्ट्रानिक सिटी नोएडा) व येलो (समयपुर बादली-हुडा सिटी सेंटर) पर चलने वाली छह कोच की सभी मेट्रो ट्रेनें आठ कोच में तब्दील की जाएंगी। ब्लू लाइन व येलो लाइन पर पहले से भी ज्यादातर मेट्रो आठ कोच की हैं, लेकिन रेड लाइन पर अभी तक एक भी आठ कोच की मेट्रो नहीं है।

नए कोच खरीदे जाने से दिल्ली मेट्रो के सबसे व्यस्त इन तीनों काॅरिडोर पर इस साल अक्टूबर तक सभी मेट्रो आठ कोच में तब्दील हो जाएंगी। इसलिए इन तीनों काॅरिडोर पर सिर्फ आठ कोच की मेट्रो ही चलेंगी। इससे मेट्रो में अधिक संख्या में यात्री सफर कर सकेंगे और सफर भी आसान होगा।

यात्रियों को भीड़ से राहत मिलेगी। यात्रा के दौरान सीटें ज्यादा मिलेंगी वहीं कोविड-19 के नियमों के पालन में मदद होगी। येलो लाइन पर 64, ब्लू लाइन पर 74 व रेड लाइन पर 39 मेट्रो ट्रेनों का परिचालन होता है। मौजूदा समय में येलो लाइन पर 52 मेट्रो आठ कोच की हैं। वहीं, ब्लू लाइन पर रफ्तार भरने वाली 65 मेट्रो आठ कोच की हैं। लेकिन, रेड लाइन पर सभी छह कोच की मेट्रो की चल रही हैं। ये तीनों ब्राड गेज की लाइनें हैं। इसलिए इन तीनों कारिडोर पर आठ कोच की मेट्रो के परिचालन का प्रविधान है।

डीएमआरसी का कहना है कि 40 कोच बॉम्बार्डियर से व 80 कोच भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड से खरीदे गए हैं। इनमें से 78 कोच रेड लाइन की 39 मेट्रो में, 18 कोच ब्लू लाइन की नौ मेट्रो में व 24 कोच येलो लाइन की 12 मेट्रो ट्रेनों में जोड़े जाएंगे। इस वजह से ब्लू लाइन पर आठ कोच की मेट्रो की संख्या 74, येलो लाइन पर 64 व रेड लाइन पर 39 हो जाएंगी। कोरोना का संक्रमण शुरू होने से पहले दिल्ली मेट्रो में प्रतिदिन 30-35 लाख यात्री 60 लाख यात्राएं करते थे। इनमें से करीब 50 लाख यात्री ब्लू, येलो व रेड लाइन में ही सफर करते हैं। मौजूदा समय में भी इन तीन कारिडोर की मेट्रो में ही भीड़ ज्यादा होती है। इसलिए मेट्रो में यात्रियों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। मौजूदा समय में दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क में 336 ट्रेनें हैं। जिसमें 133 आठ कोच की, 181 छह कोच की व 22 चार कोच की मेट्रो ट्रेनें हैं।


          रिपोर्ट ~ नीलाक्ष वत्स

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