Skip to main content

29 जून, 2021 को विश्व हिंदी संगठन करवाएग अखिल भारतीय हिंदी ओलंपियाड


विश्व हिंदी संगठन द्वारा आयोजित अखिल भारतीय हिंदी ओलंपियाड का  उद्घाटन समारोह रामनवमी के दिन रात्रि में ऑनलाइन हुआ।इसके उद्घाटन समारोह में यूजीसी के संयुक्त सचिव डॉ. जीतेन्द्र कुमार त्रिपाठी, उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस श्री राकेश मिश्रा, प्रसिद्ध सिने कलाकार श्री अखिलेंद्र मिश्र, मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. करुणा शंकर उपाध्याय,उड़ीसा केंद्रीय विश्वविद्यालय की डॉ.मयुरी मिश्रा, केरल की डॉ. श्रीकला यू के, बेंगलुरु की डॉ. कोयल विश्वास, मुंबई के संतोष कुलकर्णी, पंढरीनाथ पाटिल, फोकस न्यूज के संपादक सह सीइओ श्री कृष्णा अग्रवाल  जैसे देश के जाने माने साहित्यकार उपस्थित थे। विश्व हिंदी संगठन के अध्यक्ष डॉ. आलोक रंजन पांडेय ने बताया कि विश्व हिंदी संगठन देश में पहली बार महाविद्यालयी स्तर पर हिंदी में अखिल भारतीय स्तर पर 29 जून को ऑनलाइन हिंदी में ओलंपियाड करा रही है, जिसमें प्रथम पुरस्कार 21 हजार, द्वितीय पुरस्कार 15 हजार, तृतीय पुरस्कार 8000, के साथ सात सांत्वना पुरस्कार 1000 रुपए का दिया जाएगा। ओलंपियाड का पंजीकरण शुल्क 100 रुपए है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. जीतेन्द्र कुमार त्रिपाठी जी ने कहा कि हिंदी एक भाषा है जिसमें अपनापन है और सभी को एक साथ जोड़ने की शक्ति भी है। इसलिए ऐसे आयोजन जो हिंदी की समृद्धि में सहायक हैं उन्हें समय समय पर आयोजित होते रहना चाहिए। प्रशासनिक अधिकारी राकेश मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम से जुड़े तथा आयोजन उन्होंने सभी आयोजन कर्ताओं को अग्रिम बधाइयां प्रेषित की। उन्होंने अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर करुणा शंकर उपाध्याय उपस्थित रहे उन्होंने इस आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की तथा कहा कि विश्व हिंदी संगठन जैसी संस्थाएं हिंदी भाषा के उन्नति और प्रसार के लिए अनेकों आयामों को  लेकर तैयार है और आगे बढ़ रही है और ऐसी संस्थाओं के माध्यम से हिंदी भाषा का विकास संभव है।  

अभिनेता अखिलेंद्र मिश्र विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित रहे उन्होंने मैं हिंदी हूं नामक कविता सुना कर श्रोताओं और प्रतिभागियों में हिंदी के प्रति श्रद्धा और उमंग का भरपूर संचार किया। उन्होंने अपनी भी कुछ कविताओं का पाठ कर कार्यक्रम को सुंदर रूप प्रदान किया।

विशिष्ट अतिथि फोकस न्यूज़ समाचार पत्र के सीईओ एवं संपादक कृष्णा अग्रवाल अतिथि के रूप में कार्यक्रम से जुड़े तथा उन्होंने सभी को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए हिंदी के प्रचार-प्रसार की बातें की तथा कहा कि अभी हिंदी को और आगे बढ़ना होगा और इसके आगे अभी और रास्ते खुले हुए हैं। 

वक्ता के रूप में केरल से डॉक्टर श्रीकला यू ने केरल में हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला हिंदी भाषा के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कार्यक्रम की जरूरत को भी समझाया। उड़ीसा से डॉक्टर मयूरी मिश्रा ने वक्ता के रूप में जुड़ते हुए गैर हिंदी भाषी क्षेत्रों में हिंदी की जरूरत और हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला तथा उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि किस तरह हिंदी गैर हिंदी भाषी क्षेत्रों में भी सबकी पसंदीदा भाषा बनी हुई है। 


डॉ राधा भारद्वाज ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। डॉ संतोष कुलकर्णी और डॉ मनीषा अरोड़ा ने संयोजक का कार्यभार संभाला तथा ओलंपियाड के बारे में निर्देश और महत्त्वपूर्ण जानकारी सभी को साझा की। डॉ आरती पाठक ने सभी आमंत्रित वक्ताओं एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।इस समारोह में गोहाटी की डॉ. अर्चना हजारिका, कानपुर की गरिमा जैन, जौनपुर की पूनम श्रीवास्तव, दिल्ली से रूपेश शुक्ला, गुजरात से प्रो. सुशीला व्यास, डॉ. गेल भाटिया, राजस्थान से डॉ. दीपिका विजयवर्गीय, डॉ. बबुता काजल,महाराष्ट्र से डॉ.दीपक पवार, वसुंधरा जाधव,रेवती, डॉ. विष्णु राठौर, सुनील कुलकर्णी आदि ने भी इस कार्यक्रम में अपने सुझाव दिए।इस कार्यक्रम का मीडिया पार्टनर फोकस न्यूज है।

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

डॉ. अमिता दुबे, प्रधान संपादक, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, उत्तर प्रदेश द्वारा लिखित 'सृजन को नमन' पुस्तक पर देश के विद्वानों ने की चर्चा

विश्व हिंदी संगठन से समन्वित सहचर हिंदी संगठन, नई दिल्ली (पंजी.) द्वारा हर महीने पुस्तक परिचर्चा कार्यक्रम के तहत डॉ. अमिता दुबे द्वारा लिखित पुस्तक सृजन को नमन पर लाइव ऑनलाइन परिचर्चा हुई, जिसमें देश भर के साहित्यकारों ने जुड़कर विद्वानों को सुना। इस पुस्तक के लेखक डॉ. अमिता दुबे जी ने बताया कि मूलत: वे स्वाभवत: कहानीकार हैं परंतु विद्यावाचस्पति की अध्ययन के दौरान उनकी रुचि आलोचना की ओर प्रवृत्त हुआ। उन्होंने आगे बताया कि किस तरह इस पुस्तक को लिखा। इसमें उन्होंने अपने जीवनानुभवों को भी व्यक्त किया है।  कार्यक्रम में राजस्थान से जुड़ी डॉ.बबीता काजल ने यह पुस्तक में लिखे शोध आलेख हैं । जो शोधार्थियों और साहित्यानुरागी के हेतु अत्यंत उपयोगी होगी । सामाजिक परिवेश अत्यंत महत्वर्पूण होता है जहाँ रचनाकार को लेखन के बीज मिलते हैं। चिट्ठियों की दुनिया में राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुए वार्तालाप को कविता के रूप में रचा है जो अपने आप में एक अलग क्षितिज को दिखाता है। पुस्तक में हिंदी प्रचार एवं महत्व को उल्लेखित किया गया, देवनागरी लिपि की विशेषता का उल्लेख ध्वनि वैज्ञानिक दृष्...

ट्विटर ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का एकाउंट एक घंटा ब्लॉक किया

ट्विटर और केंद्र सरकार में टकराव जारी है।  इस बीच आज केंद्रीय IT मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दावा किया है कि Twitter ने करीब एक घंटे तक उनका अकाउंट लॉक रखा। Twitter का कहना था कि आपने अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट का उल्लंघन किया है। बाद में Twitter ने अकाउंट अनलॉक किया। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कोई भी प्लेटफॉर्म कुछ भी कर ले आईटी को लेकर नया कानून मानना ही पड़ेगा। इसे लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ट्विटर की कार्रवाई यह बताती है कि वो बोलने की आजादी का हितैषी नहीं, उसे सिर्फ अपना एजेंडा चलाने में दिलचस्पी है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि ट्विटर की कार्रवाई आईटी के नियमों के खिलाफ है। अकाउंट लॉक करने से पहले ट्विटर ने मुझे कोई नोटिस नहीं दिया। इससे साबित होता है कि ट्विटर नए नियमों को नहीं मानना चाहता है। अगर ट्विटर नए नियमों का पालन करता तो वो किसी के अकाउंट को मनमाने तरीके से लॉक नहीं करता। बता दें कि ट्विटर और केंद्र सरकार में लंबे समय से विवाद चल रहा है। सरकार का कहना है कि ट्विटर को नया नियम मानना होगा। नए नियमों के तहत ट्विटर, फेसबुक, ...

मन्नू भंडारी की पहली कहानी : मैं हार गई

जब कवि सम्मेलन समाप्त हुआ तो सारा हॉल हंसी-कहकहों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज रहा था| शायद मैं एक ऐसी थी, जिसका रोम-रोम क्रोध से जल रहा था| उस सम्मेलन की अंतिम कविता थी 'बेटे का भविष्य'| उसका सारांश कुछ इस प्रकार था, एक पिता अपने बेटे के भविष्य का अनुमान लगाने के लिए उसके कमरे में एक अभिनेत्री की तस्वीर, एक शराब की बोतल और एक प्रति गीता की रख देता है और स्वयं छिपकर खड़ा हो जाता है| बेटा आता है और सबसे पहले अभिनेत्री की तस्वीर को उठाता है| उसकी बाछे खिल जाती हैं| बड़ी हसरत से उसे वह सीने से लगाता है, चूमता है और रख देता है| उसके बाद शराब की बोतल से दो-चार घूंट पीता है| थोड़ी देर बाद मुंह पर अत्यंत गंभीरता के भाव लाकर, बगल में गीता दबाए वह बाहर निकलता है| बाप बेटे की यह करतूत देखकर उसके भविष्य की घोषणा करता है, "यह साला तो आजकल का नेता बनेगा!" कवि महोदय ने यह पंक्ति पढ़ी ही थी कि हॉल के एक कोने से दूसरे कोने तक हंसी की लहर दौड़ गई| पर नेता की ऐसी फजीहत देकर मेरे तो तन-बदन में आग लग गई| साथ आए हुए मित्र ने व्यंग्य करते हुए कहा, "क्यों तुम्ह...